अवैध खनन रोकने के लिए सरकार का नया प्लान

देश के बालू माफियाओं की आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इनके खिलाफ तीनतरफा कार्रवाई हो रही है। एक ओर बिहार पुलिस खान एवं भू-तत्व विभाग के साथ मिलकर अवैध बालू-गिट्टी के कारोबार पर अंकुश के लिए अपनी कार्रवाइयों को अंजाम दे रही है।

वहीं, दूसरी ओर प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी बालू माफिया के खिलाफ अपनी गतिविधियां तेजी से बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में अब दर्जन भर जिलों के बालू माफिया को तड़ी पार या जिलाबदर करने की योजना बन रही है।

आर्थिक अपराध इकाई विगत कुछ वर्षो से बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। खान व भू-तत्व विभाग के कुछ अफसरों पर भी इसी कड़ी में पूर्व में कार्रवाई की गई है। अब आर्थिक अपराध इकाई ने राज्य के दर्जन भर जिलों के 50 से अधिक बालू माफिया को सूचीबद्ध किया है।

सूत्रों की मानें तो जिलावार इन बालू माफिया पर आर्थिक अपराध इकाई बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। इन्हें तड़ी पार या जिलाबदर करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। इकाई ने इस संबंध में संबंधित जिलों से प्रस्ताव मांगा है।

इन जिलों के बालू माफियाओं का नाम शामिल

ईओयू की ओर से जिन जिलों को इस संबंध में निर्देश भेजे गए हैं, उनमें भोजपुर, औरंगाबाद के नौ-नौ, पटना के 13, रोहतास, सारण के आठ-आठ, बांका और गया के तीन से चार बालू माफिया के नाम शामिल हैं।

इन सभी पर अवैध तरीके से बालू खनन कर टैक्स चोरी के आरोप हैं। जिलों से प्रस्ताव मिलते ही इन्हें जिलाबदर करने की कार्रवाई प्रारंभ हो जाएगी। बता दें कि बालू के अवैध खनन मामले में ईडी ने आदित्य मल्टीकाम, ब्राडसंस के 10 पूर्व निदेशकों पर कार्रवाई की है।

पुंज सिंह और अजय सिंह पर ईडी ने कसा शिकंजा

इन दो प्रमुख कंपनियों की वजह से सरकार को करीब पांच सौ करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। बीते एक सप्ताह में बालू सिंडिकेट में शामिल पुंज सिंह और अजय सिंह पर ईडी ने कार्रवाई करते हुए इन्हें अपनी गिरफ्त में लिया है।
 

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